छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध गौवंश एवं पंचगव्य उत्पादों का लागत-आय विश्लेषण (दुर्ग संभाग में संचालित विशिष्ट गौशालाओं के संदर्भ में)
Author Name : काव्या जैन, डॉ. ए. एन. माखीजा, डॉ. पी. एल. चौधरी
परिचय
गाय भारतीय जीवन का एक अभिन्न अंग है। भारतीयों के चहुंमुखी विकास का आधार गौपालन, गौरक्षा तथा गौसेवा रहा हैै। वहीं गौवंश का आर्थिक दृष्टि से महत्व भी कम नहीं है। भारत एक कृषि प्रधान देश है और लगभग 75 प्रतिशत आबादी कृषि पर आधारित है। “वर्तमान मेें राष्ट्र में कृषि द्वारा प्रदत्त कुल आय का 33 प्रतिशत अंश पशु सम्पदा के द्वारा अर्जित किया जाता है। भारत जैसे विकासशील देश में आज भी जब रोजगार की समस्या अपने चरम सीमा पर है, तब गौपालन जैसे व्यवसाय देश के आर्थिक रूप से विपन्न परिवारों हेतु अमृत की तरह जीवनदायक है।’’
भारत में इस 20वीं पशुधन जन गणना के अनुसार देश में कुल गौधन की संख्या 192.49 मिलियन है जो पिछली गणना की तुलना में 0.8 प्रतिशत ज्यादा है इसमें मादा गौधन 145.12 मिलियन अंकित की गई है जो पिछली गणना 2012 की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।